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राजकीय आई. टी. आई. प्रवेश सत्र अगस्त-2017

सामान्य निर्देश | Download

ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया :-

विकल्प-1 विवरण पुस्तिका के साथ उपलब्ध कराये गये प्री-पेड कूपन में अंकित गोपनीय कोड द्वारा।

विकल्प-2 डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/इन्टरनेट बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान द्वारा।

अभ्यर्थी को ऑनलाईन आवेदन करने के लिए वेबसाइट http://www.scvtup.in को खोलना होगा तथा उस पर बने हुए लिंक 'Online Submission of Application for Admission for Session 2017-2018' पर क्लिक करना होगा। इसके पश्चात एक पेज खुलेगा जहाँ अभ्यर्थी महत्वपूर्ण निर्देश एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकता है इस पेज पर अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन करने हेतु क्लिक करे का बटन मिलेगा जिस पर क्लिक करना होगा। इसके पश्चात एक पेज खुलेगा जिस पर अभ्यर्थी को दो विकल्प उपलब्ध होंगे। विकल्प इस प्रकार से होंगेः-

विकल्प-1 ऑनलाइन आवेदन (प्री-पेड कूपन द्वारा शुल्क का भुगतान)

विकल्प-2 ऑनलाइन आवेदन (डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/इन्टरनेट बैंकिंग द्वारा ऑनलाइन भुगतान)

प्रवेश पंजीकरण शुल्क :-

  • सामान्य/पिछड़ा वर्ग हेतु शुल्क रू0 250/-(रू0 दो सौ पचास मात्र)।
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हेतु शुल्क रू0 150/-(रू0 एक सौ पचास मात्र)।

आवेदक उपरोक्त दोनो विकल्पों में किसी भी एक विकल्प का चयन कर विवरण पुस्तिका में अंकित दिशा-निर्देशों को भली-भांति पढ लें एवं तदानुसार आॅनलाइन आवेदन पत्र निर्धारित अन्तिम तिथि 24, जून, 2017 तक भरे, तथा उसे Submit करें, तथा भरे आवेदन पत्र का प्रिन्ट आउट लेकर अपने पास सुरक्षित रखें, चयनित अभ्यर्थी द्वारा आॅनलाइन आवेदन के समय की गयी प्रविष्टियों से सम्बन्धित शेैक्षिक योग्यता, आरक्षण वर्ग एवं अधिमानी अर्हता सम्बन्धी मूल अभिलेखों का सत्यापन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय कराया जायेगा।

आयु :-

01 अगस्त, 2017 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 14 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार अभ्यर्थी का जन्म दिनांक 31.07.2003 के बाद न हुआ हो। अभ्यर्थी की अधिकतम आयु का कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। न्यूनतम आयु सीमा में किसी प्रकार की छूट अनुमन्य नहीं होगी।

स्वास्थ्य :-

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में चल रहे व्यवसायों में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को मानसिक तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए तथा शरीर में कोई ऐसी कमी नहीं होनी चाहिए जिसके फलस्वरूप वह अपने व्यवसाय की कार्यदक्षता को सम्पन्न न कर सके। निःशक्त एवं अक्षम अभ्यर्थियों हेतु सम्पूर्ण प्रवेश क्षमता का 3% क्षैतिज आरक्षण अनुमन्य है। इस श्रेणी में केवल ऐसे निःशक्त अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनकी अक्षमता 40% अथवा उससे अधिक हो। प्रवेश के समय अपने जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रमाण-पत्र, जिसमें यह प्रमाणित हो कि अभ्यर्थी कम से कम 40% विकलांग है एवं विकलांगता की सुविधा प्राप्त करने का अधिकारी है, प्रस्तुत करना होगा। संस्थान में ऐसे अभ्यर्थी के प्रवेश से पूर्व पाठ्यक्रम विशेष हेतु अभ्यर्थी की उपयुक्तता का आंकलन संस्थान स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक नेत्र का बिना चश्मे या चश्मे के साथ दिन के प्रकाश में परीक्षण किये जाने पर उसमें किसी प्रकार का दोष नहीं होना चाहिए। आँखों की रोशनी दोनों आँखों में 6/18 या एक आँख में 6/24 बिना चश्मे के होना चाहिए। एक आँख वाले अभ्यर्थी, जो कलर ब्लाइन्डनेस दोष से मुक्त हो, भी चयन के पात्र हैं।

आरक्षण :-

  • व्यावसायिक शिक्षा एंव कौशल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के प्रशासकीय नियंत्रणाधीन प्रदेश में स्थित समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु आरक्षण नवीनतम शासनादेश के अधीन निम्नवत् है -

    क्र.सं. श्रेणी अनुमन्य आरक्षण
    1. अनुसूचित जाति (S.C) के अभ्यर्थी केलिए व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का 21 प्रतिशत।
    2. अनुसूचित जनजाति (S.T.) के अभ्यर्थी के लिए व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का 02 प्रतिशत।
    3. अन्य पिछड़ी वर्ग (O.B.C.) के अभ्यर्थियों के लिए व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का 27 प्रतिशत।

    नोट:- प्रदेश सरकार द्वारा ‘अनुसूचित जाति सब प्लान’ (S.C.S.P.) योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों हेतु विशेष रूप से कुल 84 संस्थान संचालित किये जा रहे हैं। इन संस्थानों में स्वीकृत सीटों में 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रशिक्षणार्थियों हेतु तथा 15 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रशिक्षणार्थियों हेतु आरक्षित रहेंगी। जिनका विवरण परिशिष्ट-10 पर देखें।

  • उक्त के अतिरिक्त निम्नांकित श्रेणी के अभ्यर्थियों को सम्मुख विवरणानुसार क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जायेगा एवं क्षैतिज आरक्षणों में से मात्र एक आरक्षण ही अभ्यर्थी ले सकेगा।

    क्र.सं. श्रेणी अनुमन्य आरक्षण
    1. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों (F.F.) के आश्रितों (विवाहित अथवा अविवाहित पौत्र एवं पौत्री) हेतु आरक्षण। व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 02 प्रतिशत।
    2. सेवारत तथा भूतपूर्व सैनिकों के पुत्र-पुत्रियों तथा अर्ध सैनिक बलों के सैनिक, जो युद्ध में अक्षम हो गये हों अथवा मारे गये हों, के पुत्र एवं पुत्रियों हेतु आरक्षण व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 05 प्रतिशत।
    3. शारीरिक रूप से विकलांग (नि:शक्त) (P.H.) अभ्यर्थियों के लिए

    इस श्रेणी में केवल ऐसे विकलांग अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनकी शारीरिक अक्षमता 40 प्रतिशत अथवा उससे अधिक हो। प्रवेश के समय उन्हें अपने जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी से जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसमें यह प्रमाणित हो कि अभ्यर्थी कम से कम 40 प्रतिशत विकलांग है एवं वह विकलांगता की सुविधा प्रदान करने का अधिकारी है। संस्थान में ऐसे अभ्यर्थी के प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थी की उपयुक्तता* का आंकलन संस्थान स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ द्वारा किया जायेगा।
    व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 03 प्रतिशत।
    4. महिला अभ्यर्थियों हेतु संचालित विशिष्ट महिला राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों अथवा सामान्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अन्तर्गत केवल महिलाओं के लिए संचालित व्यवसायों से इतर अन्य समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण। व्यवसायवार एवं समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम 20 प्रतिशत।

नोट :- समस्त अभ्यर्थी जो, शारीरिक रूप से विकलांग है एवं विकलांगता के आरक्षण का लाभ चाहते हैं, को सलाह दी जाती है कि वे प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा व्यवसाय विशेष हेतु सुझावित उपयुक्तता के संबंध में जारी दिशा निर्देशों की जानकारी प्रदेश में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से प्राप्त कर सकते हैं।

वरीयता अंक :-

राजकीय आई0टी0आई0 में प्रवेश के लिये अभ्यर्थियों हेतु उ0प्र0 शासन द्वारा निर्धारित वरीयता निम्नवत् है :-

  • राज्य स्तरीय खिलाड़ी, जिनको संबंधित स्पोर्ट्स एसोसियेशन द्वारा प्रमाण-पत्र दिया गया है, को 3 अंक वरीयता के देय हैं।
  • उत्तर प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निवेश नीति 2012 के दृष्टिगत प्रदेश के व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों की विशेषता का लाभ उद्योगों को उपलब्ध कराने हेतु उद्योगों के कर्मचारियों/नामित व्यक्तियों को बिना प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित हुए, संस्थानों के प्रशिक्षण क्षमता/उपलब्ध सीटों का 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है।

उद्योगों के लिए आरक्षित 10 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश न पा सकने वाले कार्मिकों को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने की छूट होगी। यदि इस प्रकार का कोई कर्मचारी प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेता है तो उसे अर्हकारी शैक्षिक योग्यता के परीक्षाफल के कुल प्राप्तांक में 5 अंक अतिरिक्त देय होंगे।

उक्तानुसार आरक्षित सीटों के विरूद्ध अथवा प्रवेश हेतु वरीयता अंक प्राप्त करने वाले संबंधित कर्मचारी/अभ्यर्थी प्रवेश के समय अपने मूल अभिलेख संबंधित संस्थान के प्रधानाचार्य को प्रस्तुत करने में यदि असमर्थ रहते हैं, तो वे प्रदत्त आरक्षण अथवा वरीयता अंक के आधार पर प्रवेश पाने के पात्र नहीं माने जायेंगे और उन्हें दी जाने वाली उपरोक्त सुविधा स्वतः समाप्त समझी जायेगी।

  • राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अथवा राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद में कार्यरत कर्मचारी के आश्रित पुत्र, अविवाहित अथवा विधवा पुत्री हेतु 05 अंक वरीयता के देय हैं। अभ्यर्थी यदि अर्ह है तो एक से अधिक वरीयता श्रेणी का चुनाव कर सकता है।

नोट: प्रदेश के उद्योगो में कार्यरत कर्मचारियों/नामित व्यक्तियों को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (सामान्य संस्थान एवं पी0पी0पी0 योजना अन्तर्गत आच्छादित संस्थान) में प्रवेश हेतु नीति :-

प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में उद्योगों के कार्यरत कर्मचारियों/ नामित व्यक्तियों को प्रवेश दिये जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या-5080/89-व्या0 शि0 एवं कौ0 वि0 वि0-का-2014-90(एम.)/2012 दिनांक-04.02.2015 में निहित व्यवस्थानुसार प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों हेतु उपलब्ध सीटों में उद्योगों में कार्यरत/नामित व्यक्तियों हेतु पात्रता निम्नवत् निर्धारित की गयी है:-

  • आवेदक कारखाना अधिनियम-1948 के अन्तर्गत पंजीकृत उद्योगों में पूर्णकालिक रूप से कम से कम दो वर्ष से उस उद्योग में कार्यरत हो।
  • आवेदक के पास उद्योग द्वारा नामित किये जाने का प्रदत्त प्रमाण पत्र हो।
  • आवेदक के पास उद्योग में कम से कम 02 वर्ष की पूर्ण कालिक सेवा के वेतन भुगतान सम्बन्धी औचित्यपूर्ण प्रमाण की उपलब्धता/प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
  • आवेदक राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित शिल्पकार प्रशिक्षण योजनान्तर्गत चिन्हित व्यवसायों में प्रवेश हेतु निर्धारित प्रवेश अर्हता पूर्ण करता हो।
  • प्रदेश स्तर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में लागू आरक्षण व्यवस्था यथावत लागू रहेगी।
  • नामांकित आवेदक अभ्यर्थियों की अधिक संख्या होने की स्थिति में अधिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को वरीयता प्रदान की जायेगी।

भारत सरकार सहायतित पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप ( पी0पी0पी0 ) योजना से आच्छादित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आई0एम0सी0 को 20 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश का अधिकार एवं इसके माध्यम से उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों/नामित व्यक्तियों को प्रवेश दिये जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्याः 5160/89-व्या0 शि0 एवं कौ0 वि0 वि0-2014-125(बी.)/1987 टी.सी. दिनांक-04.02.2015एवं शासनादेश संख्याः208/2015/3993/89-व्या0शि0 एवंकौ0 वि0वि0-2015-125(बी)/1987टीसी दिनांक-24.11.2015 द्वारा निम्न व्यवस्था प्रदान की गयी है :-

  • भारत सरकार सहायतित पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (पी0पी0पी0) योजना से आच्छादित प्रदेश के 115 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में गठित इंस्टीट्यूट मैनेजमेन्ट कमेटी (आई0एम0सी0) को संस्थान में संचालित व्यवसायों की समस्त सीटों (सुपर न्यूमरीज सहित) में से 20 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश करने का अधिकार होगा।
  • पी0पी0पी0 योजना से आच्छादित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु उद्योगों के नामित कर्मचारियों/नामित व्यक्तियों को प्रशिक्षण क्षमता/उपलब्ध सीटों का 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण संस्थान में गठित आई0एम0सी0 के माध्यम से प्रदान किया जायेगा। इस हेतु आई0एम0सी0 द्वारा अपने 20 प्रतिशत कोटे के अन्तर्गत उद्योगों द्वारा नामित कर्मचारियों हेतु निर्धारित 10 प्रतिशत की सीमा को समायोजित किया जायेगा।
  • यदि प्रवेश की प्रथम चरण की काउन्सिलिंग के उपरान्त उद्योगों द्वारा नामित एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश हेतु चयनित कर्मचारियों द्वारा प्रवेश नहीं लिया जाता है, तो इस प्रकार रिक्त रह गयी सीटों पर प्रवेश करने का अधिकार राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश को होगा।

प्रदेश में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित दोनों प्रकार के व्यवसाय यथा प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन गठित राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एन0सी0वी0टी0) से सम्बन्धन प्राप्त व्यवसाय एवं राज्य सरकार की राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एस0सी0वी0टी0) के अधीन संचालित व्यवसाय प्रवेश हेतु उपलब्ध हैं। अभ्यर्थियों को एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम पर आधारित व्यवसायों तथा एस0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम पर आधारित व्यवसायों में प्रवेश हेतु दोनों के लिए पृथक-पृथक ऑन-लाइन आवेदन-पत्र नहीं भरना होगा। ऑन लाइन आवेदन के अन्तर्गत दोनो ही प्रकार के विकल्प उपलब्ध होंगे।

समस्त अभ्यर्थी विवरण पुस्तिका को भली-भाँति पढ़कर स्पष्ट रूप से ऑन-लाइन आवेदन-पत्र भरें। त्रुटिपूर्ण भरे गये ऑन-लाइन आवेदन-पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा। ऐसे त्रुटिपूर्ण ऑन लाइन आवेदन हेतु राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद उ0प्र0 का कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।

पोर्टल पर ऑन लाइन आवेदन भरने के उपरान्त submit किये गये आवेदन पत्रों में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के निर्देश से इतर किसी प्रकार का संशोधन अनुमन्य नहीं होगा।

ऑनलाइन आवेदन पत्र के निर्धारित स्थान पर अपलोड किये गये फोटो की चार प्रतियाँ प्रवेश के समय यथा आवश्यकता उपयोग हेतु अभ्यर्थी अपने पास सुरक्षित रखें।

ऑन-लाइन भरे गये आवेदन के प्रिन्टआउट की एक प्रति अभ्यर्थी अपने पास सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण सूचनाए