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राजकीय आई. टी. आई. प्रवेश सत्र अगस्त-2017

महत्वपूर्ण निर्देश | Download

  • राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उ0प्र0 द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र भर कर Submit (जमा) करने पर अभ्यर्थी उन सभी नियमों, प्रतिबंधों तथा उपबन्धों से आबद्ध हो जाता है जो विवरण-पुस्तिका में विभिन्न स्थानों पर दिये गये हैं या जिन्हें समय-समय पर परिषद या राज्य सरकार परिवर्तन करें या नवीनतम् नियम लागू करें।
  • यदि किसी अभ्यर्थी के द्वारा प्रस्तुत सूचना प्रवेश से पूर्व/प्रवेश के समय या भविष्य में असत्य पायी जाती है तो उस अभ्यर्थी का अभ्यर्थन/प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा।
  • यह देखा गया है कि अभ्यर्थी अन्य वर्ग/वरीयता कालम में वरीयता के पात्र न होते हुए भी उसका चयन कर लेते हैं। जिससे उस वर्ग में उनका चयन होने के उपरान्त पात्रता के अभाव में प्रवेश नहीं हो पाता है। अतः अभ्यर्थी यह सुनिश्चित कर लें कि पात्रता होने पर ही सम्बन्धित वर्ग/वरीयता का चयन करें। यदि कोई अभ्यर्थी ऑन-लाइन आवेदन पत्र में अधूरी, अस्पष्ट अथवा गलत सूचना अंकित करता है तो आवेदन-पत्र की ऐसी सूचनायें आवेदन Submit करने के बाद संशोधित नहीं की जा सकेगी। अपूर्ण/अस्पष्ट सूचना के कारण अभ्यर्थी को होने वाली हानि के लिए परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। ऐसे अपूर्ण/अस्पष्ट/गलत भरे आवेदन पत्र स्वतः निरस्त माने जायेंगे।
  • ऑनलाइन आवेदन पत्र में संस्थान एवं व्यवसाय आदि का चयन सावधानीपूर्वक करें। इसके गलत हो जाने का उत्तरदायित्व अभ्यर्थी का ही होगा।
  • विवरण पुस्तिका में दिये गये विवरण केवल अभ्यर्थी के सूचनार्थ एवं निर्देशार्थ हैं। विवरण पुस्तिका वैधानिक प्रलेख नहीं है। अतः इसका उपयोग वर्णित कार्य के अतिरिक्त किसी अन्य कार्य के लिए मान्य नहीं होगा।
  • वाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्र लखनऊ में स्थित न्यायालय ही मान्य है। अभ्यर्थियों के प्रवेश के सम्बन्ध में परिषद का निर्णय अन्तिम होगा तथा अभ्यर्थी परिषद के नियम मानने हेतु बाध्य होंगे।
  • यदि राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उ0प्र0 लखनऊ द्वारा चयनित किसी अभ्यर्थी की प्रवेश की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता अथवा समकक्ष परीक्षा का प्रमाण पत्र/मूल अंक तालिका (अस्थायी अथवा प्रतिबन्धों के साथ मान्य नहीं है) की ‘प्राप्ति’ विलम्ब से होती है अथवा किसी अन्य कारणवश यदि अभ्यर्थी राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा संस्थान में प्रवेश हेतु निर्धारित अन्तिम तिथि तक वांछित शैक्षिक अर्हता का प्रमाण-पत्र आदि नहीं प्रस्तुत करता है अथवा प्रवेश नहीं ले पाता है तो सम्बन्धित अभ्यर्थी को प्रवेश प्रदान कराने का उत्तरदायित्व परिषद/संस्थान का नहीं होगा तथा अभ्यर्थी का अभ्यर्थन/चयन स्वतः समाप्त हो जायेगा।
  • विवरण पुस्तिका के अतिरिक्त राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT), उ.प्र. अथवा उसकी ओर से अन्य किसी भी संस्था/प्रकाशक को अभ्यर्थियों के मार्ग दर्शन (गाइडेंस) हेतु किसी प्रकार की पुस्तिका प्रकाशन अथवा मुद्रण का कोई भी अधिकार प्रदान नहीं किया गया है। यदि कोई संस्था, परिषद के नाम का दुरूपयोग करती है, तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक निर्देश

1. यदि कोई अभ्यर्थी प्रॉविजनली चयनित हो जाने की दशा में अपने आरक्षण वर्ग अथवा वरीयता वर्ग का मूल प्रमाण पत्र (सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदत्त) प्रवेश के समय प्रस्तुत नहीं करता है अथवा आरक्षण एवं वरीयता के सम्बन्ध में उसके द्वारा दिया गया वक्तव्य अथवा अन्य दी गयी सूचना असत्य पाई जाती है, तो उसे किसी अन्य वर्ग में समायोजित नहीं किया जायेगा एवं उसकी पात्रता निरस्त हो जायेगी। आरक्षण वर्ग अथवा वरीयता वर्ग सम्बन्धी प्रारूप परिशिष्ट-(8)पर देखे जा सकते हैं।

  • अन्य पिछड़ा वर्ग (उत्तर प्रदेश)। प्रारूप संख्याः-1
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (उत्तर प्रदेश)। प्रारूप संख्याः-2
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (उ.प्र. से बाहर के)। प्रारूप संख्याः-3
  • स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित उम्मीदवार। प्रारूप संख्याः-4
  • सेवारत एवं भू.पू. सैनिकों के आश्रित उम्मीदवार। प्रारूप संख्याः-5
  • अपने निवास, विकास खण्ड/तहसील/जनपद से इतर शिक्षा प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को उसी स्थान से संबंधित आरक्षण का लाभ प्राप्त करने हेतु जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त निवास प्रमाण पत्र का प्रारूप। प्रारूप संख्याः-6

उक्त प्रारूप-पत्र पर सूचना निर्धारित/अंतिम तिथि तक संस्थान में उपलब्ध न करा पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन स्वतः निरस्त माना जायेगा।
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